आनलाइन ठगी रोकने हेतु साइबर मितान नगर पंचायत मल्हार कार्यालय मे शिविर लगाया गया।
नगर के विभिन्न वार्डों में शिविर लगाकर बता रहे ठगी से बचने के तरीके

बिलासपुर मस्तूरी

Hind times:- आनलाइन ठगी रोकने हेतु साइबर मितान  नगर पंचायत मल्हार कार्यालय मे शिविर लगाया गया।नगर के विभिन्न वार्डों में शिविर लगाकर बता रहे ठगी से बचने के तरीके इसके अलावा बिलासपुर पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल की पहल पर थानेदारों द्वारा लोगों को साइबर क्राइम से जुड़े अपराधों के प्रति जागरूक करने अपने-अपने थानों में चौकी मे जागरूकता शिविर आयोजित निर्देशित किया है। सभी थानेदारों द्वारा अपने थाना क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस तरह का शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

साथ ही व्यापारिक संगठनों की बैठक लेकर भी उन्हें लेनदेन को लेकर बरती जाने वाली सतर्कता से अवगत कराया जा रहा है। अपराध कैसा भी हो साइबर सेल की भूमिका अनिवार्य नोडल अफसर को बताया गया कि साइबर क्राइम बढ़ते जा रहा है एवं आरोपी अपराध को अंजाम देने के लिए नए-नए तकनीकी का उपयोग कर रहे हैं। ऐसा कोई भी अपराध ना हो, जो साइबर से जुड़ा ना हो। मोबाइलधारकों द्वारा सोशल मीडिया का प्रयोग किया जा रहा है।

ऐसे में सायबर अपराधों से इनकार नहीं किया जा सकता। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान धोखाधड़ी के मामलों बढ़े हैं। साइबर अफराध में सही तरीके साक्ष्य प्रस्तुत करने की जरूरत है।मल्हार चौकी प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया की साइबर अपराध क्राइम बढते जा रहा है एवं आरोपी अपराध को अंजाम देने के लिए नए नए तकनीकी का उपयोग कर रहे हैं।ऐसा कोई भी अपराध ना हो जो साइबर से जुडा ना हो मोबाईल धारकों से इंकार नहीं किया जा सकता।आनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान धोखाधड़ी के बढते दिखाए दे रहे इससे हमे सावधान रहना होगा। चौकी प्रभारी ने बतलाया कि आप सब लोगों को तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए ट्रेनिंग कु आवश्यकता बताई गई

ताकि साइबर अपराधों को रोका जा सके जिसमें आप सभी की भूमिका में जांच मे पुलिस सहयोग करेगी।उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेने देन के लिए आप अपने पर्सनल कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाईल ही इस्तेमाल करते हैं जब कभी भीआप इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी जरुरी अकाउंट मे लागिन करें तो काम पूरा कर अपने अकाउंट को लागआऊट करना न भुले।कभी भी आप अपने बैंकिंग यूजर नेम,लागिन पासवर्ड, ट्रांजिक्शन पासवर्ड, ओ.टी.पी.गोपनीय रखें अपने मोबाइल, नोटबुक, लैपटॉप या किसी कागज पर न लिखें। ईमेल के द्वारा गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी को किसी भी स्पैम ईमेल मे उत्तर न दें अंजाम ईमेल मे आए अटैचमेंट को कभी खोलकर न देखें या ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।इसमें वायरस या ऐसा प्रोग्राम हो सकता है जिसको क्लिक करते ही आपका मोबाइल, लैपटॉप ऊनके कंट्रोल मे जा सकता है ।

सबसे ज्यादा आवश्यक है कि सतर्क रहें किसी भी प्रकार के अपराध को एफआईआर कराएं।चौकी प्रभारी दिनेश तिवारी ने महिलाओं के संबंधित बताया कि महिलाओं को निशाना बनाकर सबसे ज्यादा जिस अपराध को अंजाम दिया जाता है वह है साइबर स्पाइंग  जिसे आप जानती हैं और विश्वास करतीं हैं ऊन्हे ही अपने दोस्त बनाए।अवांछित और बार बार के एस एम एस ,फ्रेंड रिक्वेस्ट को लेकर खुद सतर्क रहें और जरूरत पडने पर उनकी सुचना जानकारी अपने घरवालों या अपनी नजदीकी पुलिस थानाधिकारी को देनी चाहिए।पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आपकी सेवा के लिए हैं।यह उनका दायित्व है कि वे सुरक्षा संबंधी आपकी समस्याओं का हल करें और वे करेंगी भी।