12वीं पुण्यतिथि पर पूज्यनीय स्व. कलेश्वर सुमन ग्राम किरारी एवं प्रथम सरपंच संघ मस्तूरी अध्यक्ष एवं सामाजिक व्यक्तित्व के धनी पूज्य पिता जी को अजय सुमन, विजय सुमन एवं समस्त सुमन परिवार की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित

बिलासपुर मस्तूरी

Hind times:- माँ की महिमा का वर्णन तो सारा जहान करता हैं लेकिन पिता के कर्तव्यों का गुणगान कोई कोई ही करता हैं अक्सर पिता के रहते शायद किसी को उनकी कही बातें बुरी लग जाती हो ।पर उनके हमें छोड़ के जाने के बाद हमें उनकी बातें बहुत याद आती हैं फिर पता चलता चलता है कि जिम्मेदारीयो का बोझ कितना भारी होता हैं।

एक परिवार को चलाना कितना मुश्किल होता हैं।जिसे पिता खुशी खुशी चलाता हैं।वह परिवार की खुशियों के आगे अपनी खुशी कुर्बान कर देता हैं।बस उन्ही यादों और जज्बातों को समाहित कर के पिता जी  की श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए चंद लाइने समर्पित 

आपकी कमी खलती हैं मुझे ये खालीपन तड़पता हैं,बस यूं ही यादे दिल मे समेटे ये वक्त गुजरता जाता हैं।अब पता चलता है कि 
जिम्मेदारीयो का बोझ कितना भारी हैं खुद से ज्यादा अपनों की खुशियां प्यारी है दौड़ाने पड़ते हैं कदम पकड़ने को जिंदगी की रफ्तारआज गुजर रहा है और कल की तैयारी हैं।