चकरभाटा पुलिस ने इंश्योरेंस फ्रॉड का आरोपी को दिल्ली से किया गिरफ्तार

चकरभाठा बिलासपुर

विनोद वर्मा बिलासपुर की रिपोर्ट

Hindtimes बिलासपुर/मनप्रीतसिंह उर्फ प्रीतम सिंह पिता जगपाल सिंह उम्र 26 वर्ष साकिन पटेल नगर दिल्ली दिनांक 21/2/22 को प्रार्थी विद्याभूषण द्विवेदी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि था कि अज्ञात नंबर से फोन आया और उन्हें बताया गया कि प्रार्थी ने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एचडीएफसी एर्गो से ली है, उसकी वार्षिक प्रीमियम राशि डायरेक्ट पेमेंट करने से एजेंट को मिलने वाला कमीशन नहीं लगेगा और कम रुपए में इंश्योरेंस पॉलिसी किस्त जमा हो जाएगी।
प्रार्थी को बार बार फोन कर इंक्वायरी कर कुछ जानकारियां अज्ञात आरोपी ने ली तथा प्रार्थी द्वारा रूपए जमा नहीं करने पर आरोपी ने प्रार्थी के इंश्योरेंस पॉलिसी के नॉमिनी का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी चेंज कर दिया जिससे इंश्योरेंस का लाभ प्रार्थी या परिजन को नहीं मिलता और इंश्योरेंस पॉलिसी डिस्कंटीन्यू होने से अगली किश्त में प्रिंसिपल अमाउंट से अधिक रुपए लगे।
प्रार्थी की रिपोर्ट अनुसार थाना चकरभाठा में अपराध पंजीबद्ध कर उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्रीमती पारुल माथुर के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री राजेंद्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चकरभाठा सुश्री गरिमा द्विवेदी के मार्गदर्शन में विवेचना की जा रही थी आरोपी का दिल्ली में होना पाया गया जिस पर टीम दिल्ली गई थी किंतु आरोपी घर छोड़कर अन्यत्र निवास कर रहा था जिस वजह से आरोपी नहीं मिला था।
पुनः आरोपी के संबंध में तकनीकी जानकारी एकत्र कर चकरभाटा पुलिस टीम दिल्ली जाकर सात दिवस रह कर आरोपी की पतासाजी कर आरोपी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया।
आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व मोबाइल नंबर को जप्त किया गया है।
आरोपी पूर्व में कॉल सेंटर में काम कर चुका है जिस वजह से उसे इंश्योरेंस पॉलिसी व किश्तों की जानकारी है।
आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
आरोपी से हुई जप्ती के अनुसार अन्य राज्य एवं अन्य जिलों में भी अन्य व्यक्तियों से आरोपी द्वारा ठगी की गई होगी जिनसे संपर्क कर जानकारी एकत्र कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।उपरोक्त कार्यवाही में चकरभाठा थाना प्रभारी मनोज नायक, प्रधान आरक्षक प्रवीण पाण्डेय, आरक्षक सतीश यादव, सतपुरण जांगड़े, नूरुल कादीर का योगदान रहा।