राष्ट्रव्यापी होगा आंदोलन –
हसदेव के जंगलों को बचाने छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का मिला समर्थन, पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन

छत्तीसगढ़

विमल कांत की रिपोर्ट

हसदेव के जंगल को उजाड़ा तो प्रदेश में नहीं ठहरेगा मानसून, राजस्थान जैसा हो जाएगा छत्तीसगढ़ – अमित बघेल

Hindtimes छत्तीसगढ़/ केंद्र और राज्य की सरकारें हसदेव की जंगलों को तबाह करने में लगी हुई है। लेकिन ऐसा हुआ तो प्रदेश में मानसून नहीं ठहरेगा। क्योंकि प्रदेश में मानसून को रोकने में सबसे बड़ा योगदान हसदेव के जंगलों का माना जाता है। जंगलों को बचाने पहले स्थानीय प्रभावित ग्रामीण ही विरोध कर रहे थे।

लेकिन शनिवार को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने हरियपुर पहुंच कर समर्थन दिया। अब आंदोलन और तेज हो गया। आंदोलन स्थल पर पहुंचे छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल ने ग्रामीणों से कहा हम अपने जल-जंगल और अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए सरकार चुनते हैं। लेकिन सरकार ही इसे बेचने लगे तो इसकी सुरक्षा लोगों को अपने हाथ में ले लेना चाहिए।

जंगल कट जाएगा छत्तीसगढ़ में मानसून नहीं रुकेगा। यहां ठहरने वाला मानसून उत्तरप्रदेश, झारखंड, बिहार निकल जाएगा। फिर उन किसानों का क्या जिसके आधार पर छत्तीसगढ़ टिका हुआ है। अब पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। हर घर से लोग बाहर आएंगे। छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी हसदेव अरण्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेना होगा।
प्रदेश का तापमान 50 डिग्री से ऊपर हो जाएगा – डॉ. अजय यादव
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अजय यादव ने कहा कि महासमुंद में कल अधिकतम तापमान 47 डिग्री दर्ज किया। पूरा प्रदेश लू के चपेट में है। लगातार गर्मी के बढ़ने से सभी परेशान हैं। ऐसे में एक लाख सत्तर हजार हेक्टेयर में फैले छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जंगल को काटने का सोचना भी पाप है। अभी स्वीकृति मिली ही नहीं और एक रात में 500 बड़े पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों के रोकने के बाद सभी समान छोड़कर भागे हैं। अब ग्रामीण रात में जंगलों में ही सो रहे हैं। वहीं खाना-पीना बना कर रह रहे हैं। हसदेव को बर्बाद किया तो प्रदेश की गर्मी 50 डिग्री के ऊपर जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
हसदेव बांध सुख जाएगा, हजारों किसान प्रभावित होंगे – भूषण लाल साहू
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश महामंत्री भूषण साहू ने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत मण्डल को परसा कोयला के लिए फर्जी ग्रामसभा करके अनुमति दिया गया है। पहला चरण में सरगुजा व सूरजपुर जिले में फैला 841.538 हेक्टेयर वन को काटने की तैयारी है। अगर इस जंगलों को काट दिया गया तो हसदेव बांध सुख जाएगा। हसदेव बांध का पानी नहरों से होते हुए जांजगीर के हजारों खेतों में पहुंचता है। यह गंभीर समस्या है। जन आंदोलन की तैयारी है। हजारों एकड़ जमीन को बंजर होने से बचाना है। आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लड़ना जरूरी है। इस दौरान चंद्रकांत यदु, दिलीप मिरी, सुरेंद्र राठौर, दिनेश वर्मा, गोपेन्द्र रात्रे, रामपाल कश्यप, जैनेन्द्र कुर्रे, अतुल दास महंत, शैलू ठाकुर, कृष्णा कौशिक, सुरेन्द्र पटेल, रविंद्र कौशिक, कृतज्ञ पटेल, दिलीप कश्यप सहित प्रदेश और जिला के पदाधिकारी उपस्थित थे।