ओवरलोडिंग के नाम पर RTO अफसर मस्तूरी क्षेत्र में खुब कर रहे हैं अवैध उगाही।

मस्तूरी

हरिओम श्रीवास के साथ विमल कांत कि रिपोर्ट

Hindtimesमस्तूरी ।मस्तूरी क्षेत्र में इन दिनों ओवरलोडिंग के नाम पर आरटीओ अफसरों के द्वारा बेवजह वाहन चालकों से अवैध उगाही कर रहे हैं मस्तूरी के फोर लाइन मोहतरा चौक के पास, आए दिन इन लोगों के अवैध वसूली का खेल देख सकते हैं ‌

मस्तूरी तहसील कार्यालय रोड को भी आजकल खूब टारगेट में लिया जा रहा है और साथ ही माइंस कंपनियों के वाहनों को रुकवा कर अपनी कमीशन खोरी का काम करते रहते हैं। विगत कुछ महीनों से मस्तूरी क्षेत्र में आरटीओ के उड़नदस्ता वाहन से आरटीओ अफसर लोग छोटे-मोटे मालवाहक गाड़ियों से लेकर हैवी ट्रक हाईवा जैसे वाहनों को रुकवा कर उन लोगों से अवैध वसूली करते फिरते हैं। वसूली के नाम पर फॉर्मेलिटी रसीद काट देते हैं।

उसके बाद उसी रसीद के पीछे में अपना पर्सनल नंबर लिखकर उचित दाम लेकर सेटिंग भी करते हैं। जिसमें उन लोगों का सहयोग और समर्थन कुछ क्षेत्रीय पुलिस कर्मी भी करते हैं। एक और जहां छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार गांव गरीब किसान की सरकार है कह कर वाहवाही लूट रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकार के ही जवाबदार अधिकारी कर्मचारी आम जनता से लूट खसौट और 420सी करते दिख रहे हैं। ऐसे कमीशन खोरी करने वाले कर्मचारियों पर तत्काल उचित कार्रवाई कर देनी चाहिए ताकि सत्ता सरकार पर बैठे लोगों की छवि धूमिल ना हो।

ऐसे ही एक ताजा मामला सामने आया है जिसमें आरटीओ के अफसर उड़ानदस्ता वाली सुमो कार में आऐ थे और किराना सामान लेकर बिलासपुर से पामगढ़ जा रहे पिकअप वाले से मस्तूरी फोरलेन चौक पर रुकवा कर ओवरलोडिंग के नाम से 45,000 हजार रुपए की एक रसीद भी काट दी। उसके बाद बकायदा उस रसीद के पीछे में उस अफसर ने अपना नंबर भी लिख दिया और बात ना बने तो इस नंबर पर फोन कर लेना कह कर मस्तूरी थाने में गाड़ी को खड़ा करवा दिया। बाद में उसी वाहन मालिक से फिर 35,000 हजार की मांग कर रही थी। नहीं तो जीवन भर गाड़ी को थाने में खड़ा करा कर सड़वा देने की धमकी भी दी जा रही थी। जिससे घबराकर वा परेशान होकर वाहन चालक ने अपने कुछ परिचित के राजनीतिक दल के लोगों का सहारा लिया तब जाकर उनकी बात बनी। तो दूसरा मामला था तहसील कार्यालय मस्तूरी के 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मॉडल स्कूल मोड के पास यूनो को माइंस पताईडीह से आ रही वाहनों को भी आरटीओ के अफसर रोककर उगाही जैसे कार्य कर रहे थे।और जब तक इन लोगों का मामला पूर्ण रूप से सेट नहीं हो गया तब तक गाड़ी को विगत 2 घंटों से जाम लगाकर खड़ा भी करवा दिया था। ऐसे ही वाहनों को ओवरलोडिंग के नाम पर रोक कर अवैध वसूली करने का मामला विगत कुछ दिनों से मस्तूरी क्षेत्र में खूब चल रही है जिसकी पहचान और पहुंच राजनीतिक दलों या उच्च अधिकारियों से होती है उनकी गाड़ियां तो यूं ही छूट जाती है लेकिन कुछ ऐसे भी गरीब तब्दों के लोग रहते हैं जिन्हें इन कमीशन खोर कर्मचारियों के द्वारा मोटी रकम ले लि जाती है