लोकार्पण एवं शिक्षक सम्मान समारोह में पहुंचे सांसद अरुण साव और मस्तूरी विधायक डॉ कृष्ण मूर्ति बाँधी ने स्कूल में बने हुए अतिरिक्त कक्ष का किया लोकार्पण

मस्तूरी

Hindtimesमस्तूरी/वर्तमान समय में शिक्षा के नाम पर कोचिंग सेंटर का बड़ा व्यवसाय शुरू हो गया है। बड़े शहरों में आइएएस बड़ी- बड़ी प्रतियोगिता परीक्षा के नाम पर युवाओं की कीमती समय को बर्बाद किया जा रहा है। लेकिन इस स्कूल के बारे मे जो सुना देखा तो यह जानकर काफी प्रसन्नता हुई कि यह स्कूल अपने मुकाम की ओर बढ़ रही है। शिक्षक होना नौकरी ही नहीं है समाज के प्रति प्रतिबद्धता है। आज समाज की सबसे बड़ी पूंजी शिक्षा ही है। उक्त बातें सांसद अरुण साव ने मस्तूरी सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित शिक्षक दिवस के कार्यक्रम के दौरान कही । सांसद ने कहा कि इस सरस्वती शिशु मंदिर आज के परिवेश में गुरुकुल परंपरा को कायम करते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। जो सराहनीय है। मस्तूरी विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा की पहले समाज के लोग शिक्षक को सम्मान देते थे। आज सोच में कुछ विकृति आ गई है। उस विकृति से समाज में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में कमी आई है। इसका मूल कारण है शिक्षा का बाजारीकरण होना। आज आप करोड़पति हो सकते हैं पर समाज उसे समृद्ध मानने को तैयार नहीं है। जिस घर में आज इंजीनियर, डॉक्टर, सीए, प्रोफेसर है, उसका समाज आदर करती है। 
कार्यक्रम के दौरान सांसद अरुण साव द्वारा स्कूल में बने अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया

शिक्षक दिवस कार्यक्रम में स्कूल के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, साथी सांसद व विधायक द्वारा शाला के शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया इस दौरान विशेष रूप से सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया।