बिलासपुर मस्तूरी

आखिर किसके कहने पर हो रहा हैं मिट्टी मुरुम का अवैध खनन कर परिवहन, उसी तालाब में मनरेगा में कार्य स्वीकृति आदेश आने से पहले ही जेसीबी से करा रहे खनन कैसे मिलेगा मजदूरों को रोजगार प्रति ट्रेक्टर 200 रुपये में बेचा जा रहा मिट्टी मुरुम

Summary

Hindtimes :- बिलासपुर मस्तूरी तहसील मुख्यालय से लगे महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत जयरामनगर में अवैध खनन का खेल जोरो पर हैं जानकारी अनुसार फूटहा तालाब में  जेसीबी से अवैध खनन कर मिट्टी मुरूम को  बेचा […]

Hindtimes :- बिलासपुर मस्तूरी तहसील मुख्यालय से लगे महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत जयरामनगर में अवैध खनन का खेल जोरो पर हैं जानकारी अनुसार फूटहा तालाब में  जेसीबी से अवैध खनन कर मिट्टी मुरूम को  बेचा जा रहा है। जिसको लेकर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश में है ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्राम वासियों को ग्राम पंचायत के तलाब से मिट्टी मुरूम को दो दो सौ रुपयों में बेचा जा रहा है जिसके कारण ग्रामीणों को मनरेगा जैसे कार्य में मजदूरी नहीं मिल पाना कहां तक सही है जबकि उसी तालाब को गहरीकरण के लिए मनरेगा के तहत   स्वीकृति कराने के लिए भी कागजी कार्यवाही की गई हैं  उसके बावजूद मजदूर लोगों से काम ना करा कर मशीनों का सहारा लेकर ग्राम पंचायत सरपंच अपनी मनमानी रवैयो से ग्रामीणों को मजदूरी कार्य से वंचित किया जा है। खनिज विभाग के अधिकारि सरपंच  के साथ मिलीभगत कर खनन का कार्य कर रहे इसी कारण कार्यवाही नही हो पा रही हैं जबकि यह खनन सरपंच के द्वारा ही करवाया जा रहा हैं
 जब  सरपंच से तालाब के गहरीकरण के बारे में जानकारी ली गई तो उनका कहना रहा कि तालाब से जो  मुरूम, मिट्टी निकाला जा रहा है उसे गांव के ही लोग अपने अपने घरों के कार्य के लिए उपयोग कर रहे हैं इस पर मैं अधिक जानकारी नहीं दे पाऊंगा से अपने जवाबदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए।