सरपंच की जागरूकता और प्रयास से चितावर पंचायत में 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का शत प्रतिशत टीकाकरण
सही रणनीति एवं जागरूकता के चलते कोरोना संक्रमण से भी बचा है यह पंचायत

तखतपुर बिलासपुर

Hindtimes बिलासपुर तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चितावार सरपंच द्वारा किए गए प्रयासों के चलते इस पंचायत ने न  केवल टीकाकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है अपितु आज भी यह पंचायत कोरोना संक्रमण से बचा हुआ है। 
 ग्राम पंचायत में 45 साल से अधिक आयु वर्ग के शत-प्रतिशत ग्रामीणों का टीकाकरण सफलतापूर्वक पूर्ण करा लिया गया है। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव सहित मैदानी अमले ने इस नामुमकिन कार्य को मुमकिन कर दिखाया।


कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में जिले में कोविड-19 टीकाकरण के सफल क्रियान्वयन के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन के जागरूकता कार्यक्रम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य, पंचायत विभाग के सामूहिक प्रयास से टीकाकरण कार्य भी जिले में तेजी से किया जा रहा है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच सुखदेव प्रसाद सिंगरोल ने बताया कि टीकाकरण को लेकर उनके, सचिव एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सतत् प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि घर घर जाकर टीकाकरण के महत्व को बताया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव यह पड़ा कि ग्रामीण स्वस्फूर्त होकर वैक्सिनेशन के लिए आगे आने लगे। कुछ ग्रामीण इतने प्रयासों के बावजूद टीका नहीं लगवा रहे थे उनके लिए सरपंच ने स्वयं के व्यय से वाहन की व्यवस्था की और  6 कि. मी दूर के टीकाकरण केन्द्र तक ले गए। 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी 329 लोगों को टीका लग चुका है। सरपंच श्री सिंगरौल ने बताया कि गांव को इस भीषण महामारी से सुरक्षित करने के लिए यह जरूरी हो गया कि लोगों को इसके सकारात्मक पहलुओं की जानकारी दी जाए। इसी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए ग्रामीणों से व्यक्तिगत संपर्क कर तथा पंचायत में लगातार बैठक लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार किया। तब जाकर इसे लेकर लोगों के मन से भ्रांतियां दूर हुईं, जिसका सुखद परिणाम सामने है।
कोरोना से बचाव के लिए प्रयास-
सिंगरौल ने बताया कि कोरोना संक्रमण से गांव की सुरक्षा के लिए उन्होंने लगातार ग्रामीणों को समझाइश दी। शादी  एवं  अन्त्येष्टि में शिरकत करने वालों की संख्या 5 से अधिक नहीं रखने ग्रामीणों को राजी किया। इसके अतरिक्त गांव में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया।  घर -घर जाकर लोगों का सर्वे भी कराया गया। कोविड गाइड लाइन का पालन करने लगातार ग्रामीणों को समझाइश दी। इन सब प्रयासों के चलते अभी तक इस गांव में एक भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ।