बिलासपुर मस्तूरी

पचपेड़ी थाना से कुछ किलोमीटर दूर पर इन दिनो जोरो से चल रहा है मुरुम का अवैध खनन पचपेड़ी थाना प्रभारी चेहरा देख देखकर करते हैं कार्यवाही।

Summary

Hind times बिलासपुर मस्तूरी क्षेत्र में इन दिनों दूसरे जिले के जेसीबी ठेकेदार मस्तूरी ब्लॉक के पचपेड़ी  थाना क्षेत्र के  कुछ ही दूरी पर मुरुम का खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है।पचपेड़ी थाना प्रभारी चेहरा देख देखकर करते हैं […]

Hind times बिलासपुर मस्तूरी क्षेत्र में इन दिनों दूसरे जिले के जेसीबी ठेकेदार मस्तूरी ब्लॉक के पचपेड़ी  थाना क्षेत्र के  कुछ ही दूरी पर मुरुम का खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
पचपेड़ी थाना प्रभारी चेहरा देख देखकर करते हैं कारवाही। अवैध खनन की सूचना पर भी खनिज विभाग  और थाना प्रभारी मौन धारण कर बैठा हुआ है।

समय रहते अगर पचपेड़ी पुलिस अपनी सक्रियता दिखाती तो भू माफिया होते पुलिस की गिरफ्त में और खनिज विभाग को कार्यवाही करने में होती आसानी।मस्तूरी ब्लाक के पचपेड़ी परीक्षेत्र में इन दिनों भूमाफियो का खूब बोलबाला है जहां पर भी शासकीय जमीन देख रहे हैं वहां पर मिट्टी मुरूम की खुदाई करना प्रारंभ कर दे रहे हैं। और ऐसा हो क्यों ना  भी क्योंकि क्षेत्रीय जवाबदार अधिकारियों के संरक्षण जो मिल रहे हैं चाहे वह खनिज विभाग के हो या फिर पुलिस विभाग का हो या फिर राजस्व विभाग का हो दिन रात अवैध तरीके से भू माफियाओं का अवैध खनन पचपेड़ी क्षेत्र में जारी है।ताजा मामला शुक्रवार की दोपहर ग्राम पंचायत सुकुलकारी का आया है जहां मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। भारी मात्रा में शासकीय जमीनों पर मुरुम की खोदाई चल रही है।  जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर कर  खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। खनन माफियो क्षेत्र में इतना ज्यादा बोलबाला है कि उनके बारे में पंचायत बॉडी के जनप्रतिनिधि भी नहीं बोल पा रहे हैं।
क्षेत्रीय जवाबदार अधिकारी एक-दूसरे पर अपनी जवाबदारी थोपते नजर आए


अवैध खनन के सम्बंध जब क्षेत्रीय थाना प्रभारी प्रवीण राजपूत को अवगत कराया गया तो उन्होंने राजस्व एवं खनिज विभाग का मामला है  हम लोगों का काम अवैध खनन करते हुए गाड़ी को पकड़ने का नहीं है करके अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लिया। जबकि कुछ दिन पहले ही पचपेड़ी थाना प्रभारी प्रवीण राजपूत ने मुखबिर के सूचना पर एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को अवैध खनन करते हो कह कर  जब्ती बनाकर थाने में खड़ा किया है जो आज भी थाना परिसर में उपस्थित है।मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहीरे को जानकारी दिया गया तो तत्काल तहसीलदार मनोज खांडेकर को कार्यवाही का निर्देश दिया परन्तु जब तक तहसीलदार मनोज खांडेकर ने पटवारी शैलेंद्र टंडन को निर्देश दिया लेकिन पटवारी शैलेंद्र टंडन ने कोटवार तेरस राम को सूचना दी लेकिन जब तक कोटवार तेरस राम के पहुचने से पहले ही खनन माफिया रफु चक्कर हो गए। अवैध खनन हो रहे वहां पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि कुछ शासकीय कर्मचारियों की मिलीभगत होने के कारण भूमाफिया को फोन कर  अवैध खनन हो रहे स्थान से एक जेसीबी एवं चार ट्रैक्टर को वहां से भगवा दिया गया।

खनन माफियाओं के द्वाराकई ट्रीप मुरुम का परिवहन किया जा चुका है।
वही ग्रामीणों की शिकायत पर भी  कोई कार्यवाही नही होने से ग्रामीण बेहद नाराज है। ग्रामीणों की शिकायत पर नही पहुच रहे अधिकारी  ऐसा लगता हैं कि अधिकारी स्वयं खनिज दोहन करवाने का काम कर रहे है। मुरूम के अवैध खनन का मामला प्रकाश में आया था। उस पर भी कोई कार्यवाही नही की गयी। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी  का पक्ष लेने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। खनिज विभाग के अधिकारी इतने व्यस्त हैं अपने कामों में कि क्षेत्र में हो रहे  खनिज संपदा का अवैध दोहन को जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं, खनिज विभाग खनिज माफियो पर रोक लगा पाने में नकाम हो रहे हैं।