महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय के नियमो मे उलझा कर एक प्रतिभाशाली छात्र को एडमिशन और स्कॉलरशिप से वंचित और उसका साल भी हो गया बर्बाद

जांजगीर चाम्पा

Hindtimes :- जांजगीर (चाम्पा) जैजैपुर के प्रतिभाशाली छात्र शुभम चंद्रा पिता रमेश चंद्रा ने जैजैपुर के संस्कार स्कुल से 90 प्रतिशत अंक से बारहवी उत्तीर्ण की और कालेज की पढाई के लिए उसने बिलासपुर के साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया था।नब्बे प्रतिशत आने वाले छात्र को स्नातक पूर्ण करने पर दो लाख पचास हजार की स्कालर शिप साइंस इंस्पायर योजना के तहत दिये जाने का प्रावधान है  परंतु अपने माता – पिता के स्वास्थ्यगत कारणो के कारण उसने घर मे ही रहने का निर्णय लिया और जैजैपुर कालेज मे प्रवेश के लिए अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में संपर्क किया । संपर्क करने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बीएससी फर्स्ट ईयर गणित का पोर्टल ओपन किया चूंकि जैजैपुर कालेज मे सीट खाली थी ,  जिससे शुभम चंद्रा का नामांकन हो सके । विदित हो कि जैजैपुर कालेज मे बी एस सी गणित प्रथम वर्ष मे सीट खाली थी और शुभम चंद्रा के आवेदन देने पर कालेज की सहमति होने पर बिलासपुर विश्वविद्यालय ने नोटशीट लिखी और विश्वविद्यालय  का पोर्टल खुल गया और छात्र शुभम चंदा् ने जैजैपुर कॉलेज में एडमिशन के लिए अपना टीसी एवं सीसी  साइंस कॉलेज से निकलवा लिया परंतु जैजैपुर कॉलेज के प्रवेश प्रभारी बीएल कुर्रे ने यह कहते हुए मना कर दिया कि कॉलेज में एडमिशन दिया जाएगा जब विश्वविद्यालय लिखित में देगा । इस विषय में जब विश्वविद्यालय प्रबंधन से कहा गया तो उनका कहना है कि विश्वविद्यालय लिखित में नहीं दे सकता है । पोर्टल का खुलना ही इस बात का सूचक है कि विश्वविद्यालय को उस छात्र का  एडमिशन स्वीकार है । छात्र शुभम चंद्र ने पोर्टल के खुलने  और नोटशीट चलने पर टीसी और सीसी निकलवा लिया है और अब साइंस कॉलेज बिलासपुर ने भी दोबारा उस छात्र का एडमिशन करने से मना कर दिया है । इस विषय में प्रभारी कुलसचिव एच एस होता ने कहा है कि विश्वविद्यालय केवल छात्र छात्राओं के एडमिशन के लिए पोर्टल खोलने और बंद करने एवं परीक्षा संबंधी काम के लिए जिम्मेदार है । किसी कॉलेज में किसी छात्र – छात्रा का एडमिशन पूरी तरह प्राचार्य के विवेक पर निर्भर करता है । कॉलेज में एडमिशन के विषय में प्राचार्य पूरी तरह स्वतंत्र है और इसमें विश्वविद्यालय की कोई भूमिका नहीं होती । दूसरी ओर  जैजैपुर कॉलेज के प्राचार्य आर टंडन का कहना है कि राज्य शासन का आदेश है कि 29 दिसंबर के बाद प्रथम वर्ष का प्रवेश बंद किया जाए । इस विषय मे अटल बिहारी बाजपेयी विश्वलिद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने प्राचार्य जैजैपुर से बात कर एडमिशन देने के लिए कहना चाहा पर उन्होने बात करने से इंकार कर दिया और लिखित आदेश पर ही एडमिशन होने की बात कही । अब छात्र शुभम चंद्रा पशोपेश में है कि वह करें तो क्या करें । छात्र शुभम चंद्र 12वीं में 90% अंको से पास हुआ है और उसे ढाई लाख की स्कॉलरशिप मिलने वाली है परंतु इसके लिए नियमित छात्र का होना आवश्यक है  परंतु विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के नियमों के चक्कर में प्रतिभाशाली कर छात्र शुभम चंद्रा का स्कॉलरशिप अब नहीं मिल पाएगी और साथ ही उसका एक साल बर्बाद हो जायेगा ।कालेज मे प्रवेश देना पूरी तरह प्राचार्य के हाथ है अगर सीट रिक्त है तो प्राचार्य प्रवेश दे सकते है।
प्रभारी कुलसचिव एच एस होता अटल बिहारी बाजपेयी वि. वि. बिलासपुर
राज्य शासन के आदेश के अनुसार 29 तारीख तक एडमिशन होना था । मै शासन के नियम पर चलता हूँ । मै विश्वविद्यालय मे किसी से बात नही करुंगा । मुझे लिखित मे चाहिए । प्राचार्य जैजैपुर कालेज  छात्र शुभम चंद्रा का कहना है कि मेरा एक साल और स्कालर शिप कालेज और यूनिवर्सिटी के नियमो मे उलझ कर बर्बाद हो गया ।