बीजापुर मस्तूरी

त्रिपक्षीय बैठक कर 156 पद पर शीघ्र नौकरी दिलाने भूविस्थापित संघ के सदस्यों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन मिला अस्वासन विस्थापितों ने नौकरी में विलंब करने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी एनटीपीसी सीपत प्रबंधन कोई न कोई बहाना लेकर भूविस्थापितों को गुमराह कर रहा है

Summary

Hind times:- बिलासपुर मस्तूरी  सीपत  क्षेत्र के एनटीपीसी भूविस्थापितों ने को त्रिपक्षीय वार्ता एवं एनटीपीसी सीपत द्वारा भूविस्थापितों के 156 पद पर अनुसूचित जनजाति आरक्षण को समाप्त कर नौकरी देने व वरियता क्रमांक 1 से 691 तक सभी को नौकरी दिलाने की […]

Hind times:- बिलासपुर मस्तूरी  सीपत  क्षेत्र के एनटीपीसी भूविस्थापितों ने को त्रिपक्षीय वार्ता एवं एनटीपीसी सीपत द्वारा भूविस्थापितों के 156 पद पर अनुसूचित जनजाति आरक्षण को समाप्त कर नौकरी देने व वरियता क्रमांक 1 से 691 तक सभी को नौकरी दिलाने की मांग को लेकर मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहिरे को ज्ञापन सौंपा है।  भूविस्थापित संघ के सदस्यों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से उल्लेख किया है कि अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को समाप्त करते हुए त्रिपक्षीय बैठक कर शीघ्र ही नौकरी दिलाने की मांग की है।

उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि पूर्व में बिलासपुर कलेक्टर के द्वारा 14 मार्च 2020 को त्रिपक्षीय बैठक में अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार नही होने के कारण भू विस्थापितों के लिए आरक्षण को समाप्त करने की बात कही गई थी लेकिन लिखित में इसका आदेश नही होने के कारण एनटीपीसी प्रबंधन इस आदेश के पालन नही कर रहा है। उन्होंने कहना है कि प्रबंधन कोई न कोई बहाना लेकर भूविस्थापितों को गुमराह कर रहा है और हम सभी उसका शिकार होते जा रहे है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी सीपत समस्त भूविस्थापितों को किसी न किसी बहाने टुकड़ो टुकड़ो में बांटने का काम शुरू करते आ रही है। जिस मांग को आज विस्थापितों की एकता ने बरकरार रखा है। उन्होंने भूविस्थापितों को नौकरी में लेने उचित समय सीमा निर्धारित करने की मांग की है। परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने में प्रबंधन को 20 वर्ष से अधिक समय लग जाने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया पूर्ण नही हो पाई है।

भूविस्थापित संघ के लोगो का कहा है कि यदि प्रबंधन लोगों को नौकरी देने में सक्षम नही है या विलम्ब होगा तो हम सभी उग्र आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी एनटीपीसी प्रबंधन की होगी। ज्ञापन देने पहुचे कोमलकुमार पटेल गणेशराम साहू दुर्गेश कुमार सुभाष कुमार हरिश्चन्द्र पटेल पुनाराम साहू बलराम साहू चंद्रपाल राठौर रविन्द्र वस्त्रकार दिगम्बर लक्ष्मी प्रसाद आकाश सोनी मनोज दिवाकर अभिषेक कुमार लहरे सहित ग्राम कौड़िया जांजी सीपत दर्राभांठा पंधी रलिया नवागांव गुड़ी धनिया के सैकड़ो भूविस्थापित शामिल रहे।